प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी राजनीतिक रणनीतिक संस्था I-PAC के कोलकाता स्थित कार्यालय पर की गई कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर केंद्र सरकार के खिलाफ सामने आ गई हैं। ED की कार्रवाई के विरोध में हुए बड़े प्रदर्शन के दौरान ममता ने केंद्र और विशेष रूप से गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके पास पेन ड्राइव के रूप में ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें कथित कोयला घोटाले से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज हैं। ममता बनर्जी का आरोप है कि इस घोटाले से हासिल की गई रकम अंततः गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह पैसा बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
ममता ने कहा कि वह संवैधानिक पद पर होने के कारण अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन यदि उन पर दबाव बढ़ाया गया तो वह सभी सबूत सार्वजनिक करने से पीछे नहीं हटेंगी। उनके अनुसार, ऐसा हुआ तो देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि जब राज्य में BSF और CISF जैसी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं, तो फिर बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी कैसे संभव हो रही है।
उन्होंने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करना है। ममता ने चेतावनी दी कि वह फिलहाल देशहित में संयम बरत रही हैं, लेकिन अगर उन्हें मजबूर किया गया तो वह चुप नहीं रहेंगी।
गौरतलब है कि ED ने कोयला तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत I-PAC के कार्यालय पर छापा मारा था। एजेंसी का दावा है कि अवैध धन को छिपाने और स्थानांतरित करने वाले एक नेटवर्क का I-PAC के साथ करोड़ों रुपये का वित्तीय लेन-देन सामने आया है। छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने और कुछ फाइलें व पेन ड्राइव अपने साथ ले जाने को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं, जिस पर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।