चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आज से लागू हुई नई दरें

चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आज से लागू हुई नई दरें

चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आज से लागू हुई नई दरें
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 15, 2026, 11:07:00 AM

देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन की खुदरा कीमतों में संशोधन करते हुए पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में प्रति लीटर तीन रुपये से अधिक की वृद्धि की है। लंबे समय से कीमतों में बदलाव की संभावना जताई जा रही थी और अब नई दरें लागू कर दी गई हैं।

ताजा संशोधन के बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले अप्रैल 2022 के बाद से ईंधन दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। ऐसे में करीब चार वर्षों के अंतराल के बाद यह पहली महत्वपूर्ण वृद्धि मानी जा रही है।

नई दरों के लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 108.74 रुपये और डीजल 95.13 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये तथा डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है। राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और अन्य स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों में दरों में अंतर देखा जा सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते हाल के दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ी, जिसके बाद खुदरा कीमतों में संशोधन का फैसला लिया गया।

इस बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने बताया कि देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और मांग के अनुसार सप्लाई बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

सरकार का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।