देश में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब जनगणना की प्रक्रिया भी आधुनिक स्वरूप लेने जा रही है। आगामी जनगणना 2027 के तहत पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक बनाना है।
इस नई व्यवस्था के तहत 17 अप्रैल से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां लोग 1 मई तक अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए नागरिकों को अपने मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। जानकारी भरने के बाद उन्हें एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। बाद में जब जनगणना कर्मी घर-घर जाएंगे, तो केवल इस आईडी के आधार पर सत्यापन कर प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
इस बार जनगणना में मकान और परिवार की परिभाषा को भी स्पष्ट किया गया है। यदि एक ही घर में अलग-अलग रसोई चलती हैं, तो उन्हें अलग परिवार के रूप में गिना जाएगा। वहीं, किसी घर में लोगों के न मिलने पर उसे खाली मकान के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा मकान से जुड़े कई पहलुओं; जैसे स्वामित्व, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या और परिवार से संबंधित अन्य विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
राज्य से बाहर रहने वाले लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वे अपने मूल निवास की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। पोर्टल पर डेटा जमा करने से पहले उसमें संशोधन करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिससे त्रुटियों को कम किया जा सके।
सरकार इस पहल में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नागरिकों को इस नई प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें और उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
बताया गया है कि मई 2026 में शुरू होने वाला यह चरण मुख्य रूप से मकानों की सूची और प्रारंभिक जानकारी एकत्र करने के लिए होगा। इसके बाद फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। डिजिटल माध्यम से की जा रही यह जनगणना भविष्य में सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी, इसलिए नागरिकों से सटीक और समय पर जानकारी देने की अपील की गई है।