CBSE का बड़ा फैसला! कक्षा 10 छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका, मई 2026 में होगी सुधार परीक्षा

CBSE का बड़ा फैसला! कक्षा 10 छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका, मई 2026 में होगी सुधार परीक्षा

CBSE का बड़ा फैसला! कक्षा 10 छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका, मई 2026 में होगी सुधार परीक्षा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 18, 2026, 11:06:00 AM

देशभर के विद्यार्थियों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक अहम बदलाव की घोषणा की है, जो परीक्षा प्रणाली में लचीलापन लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बोर्ड ने कक्षा 10 के लिए “सेकंड बोर्ड एग्जामिनेशन” से संबंधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा।

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का मानसिक दबाव कम करना और उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए दूसरा अवसर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में पुनः परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। पहले जहां केवल एक बार ही परीक्षा देने का विकल्प था, वहीं अब यह बदलाव छात्रों के लिए अधिक अनुकूल माहौल तैयार करेगा।

CBSE के अनुसार, यह सुधार परीक्षा मई 2026 में आयोजित की जाएगी। इसका लाभ वही छात्र उठा सकेंगे, जो पहली बोर्ड परीक्षा के परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं या अपने अंकों को बेहतर करना चाहते हैं। इस व्यवस्था से छात्रों को परिणाम आने के बाद सोच-समझकर निर्णय लेने का समय मिलेगा।

परीक्षा में शामिल होने के लिए स्कूलों को “लिस्ट ऑफ कैंडीडेट्स” (LOC) जमा करनी होगी, जिसके लिए बोर्ड ने चरणबद्ध समय-सारणी तय की है। पहला चरण 18 से 31 मार्च 2026 तक रहेगा। दूसरा चरण परिणाम घोषित होने के अगले दिन से शुरू होकर पांच दिनों तक चलेगा। इसके बाद सातवें दिन से दो दिनों तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

फीस संरचना भी निर्धारित कर दी गई है। भारत में प्रति विषय 320 रुपये शुल्क रखा गया है, जबकि नेपाल के छात्रों के लिए यह 1100 रुपये प्रति विषय और अन्य देशों के लिए 2200 रुपये प्रति विषय तय किया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन करने पर 2000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यमों से ही स्वीकार किया जाएगा।

पात्रता के संदर्भ में CBSE ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने मुख्य परीक्षा दी हो और कम से कम तीन विषयों में उपस्थित रहे हों। पास या कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, जो छात्र निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते या तीन से कम विषयों में शामिल हुए हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।

प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए कुछ कड़े प्रावधान भी लागू किए गए हैं। LOC में नए नाम जोड़ने, परीक्षा केंद्र बदलने या छात्र के डेटा में संशोधन की अनुमति नहीं होगी। विषय परिवर्तन भी सीमित परिस्थितियों में ही संभव होगा।

इसके साथ ही, स्कूलों और प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि वे छात्रों और अभिभावकों को पूरी जानकारी दें, समय पर सही विवरण के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और शुल्क जमा कराने में किसी तरह की चूक न हो। किसी भी त्रुटि या देरी के लिए संबंधित विद्यालय जिम्मेदार होगा।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दूसरी परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न पहले की तरह ही रहेगा, जिससे छात्रों को अलग से तैयारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।