आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए संशोधन के बाद अमरावती को राज्य की आधिकारिक राजधानी के रूप में विधिक मान्यता प्रदान कर दी गई है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति मिलने के साथ यह प्रावधान अब कानून का रूप ले चुका है। नए संशोधन के अनुसार, 2 जून 2024 से अमरावती को औपचारिक रूप से राजधानी का दर्जा लागू माना जाएगा।
इस निर्णय की पृष्ठभूमि में राज्य विधानसभा की अहम भूमिका रही, जिसने 28 मार्च को अमरावती को राजधानी घोषित करने के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद केंद्र ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में आवश्यक बदलाव करते हुए इस प्रस्ताव को विधेयक के रूप में संसद में पेश किया। लोकसभा और राज्यसभा में इस पर व्यापक चर्चा हुई, जहां अधिकांश राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया, जबकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इसका विरोध दर्ज कराया।
संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजा गया, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया। इस कानून में स्पष्ट किया गया है कि आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) के तहत अधिसूचित सभी क्षेत्र अमरावती का हिस्सा माने जाएंगे। साथ ही, भविष्य में इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल संसद के माध्यम से ही संभव होगा, राज्य स्तर पर किए गए बदलावों को कानूनी मान्यता नहीं दी जाएगी।
डेटा सेंटर परियोजना का शिलान्यास जल्द
इसी बीच, आंध्र प्रदेश में निवेश को लेकर एक बड़ी पहल भी सामने आई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 28 अप्रैल को विशाखापत्तनम में गूगल के विशाल डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। लगभग 15 अरब डॉलर के निवेश वाली इस परियोजना को राज्य के लिए तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस परियोजना के तहत विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों के विभिन्न स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तीन डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता ‘गीगावाट’ स्तर की होगी और इनके वर्ष 2028 तक चालू होने की संभावना जताई जा रही है। निवेश का अनुमान करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये है, जो देश में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में गिना जा रहा है।
इस पहल को लेकर गूगल और राज्य सरकार के बीच पहले ही समझौता हो चुका है, जिस पर अक्टूबर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे। शिलान्यास समारोह में गूगल क्लाउड के शीर्ष अधिकारी थॉमस कुरियन सहित कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। यह परियोजना न केवल आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देगी, बल्कि उसे वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर भी मजबूत पहचान दिलाएगी।