अमरनाथ यात्रा 2026: सेना ने बढ़ाई चौकसी, CDS आज लेंगे सुरक्षा इंतजामों का जायजा
अमरनाथ यात्रा 2026: सेना ने बढ़ाई चौकसी, CDS आज लेंगे सुरक्षा इंतजामों का जायजा
3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि शनिवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। उनका यह दौरा यात्रा शुरू होने से ठीक पहले सुरक्षा प्रबंधों और सीमावर्ती क्षेत्रों की सैन्य तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से हो रहा है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जनरल सुब्रमणि श्रीनगर स्थित 15 कोर मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा सुरक्षा हालात और परिचालन तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे नियंत्रण रेखा (LoC) के अग्रिम इलाकों का भी दौरा करेंगे, जहां सैनिकों की तैनाती, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया जाएगा। सीडीएस बनने के बाद यह उनका जम्मू-कश्मीर का पहला आधिकारिक दौरा होगा।
इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय और नगरोटा में 16 कोर मुख्यालय का दौरा किया था। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा पर सुरक्षा स्थिति और घुसपैठ रोकने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए तैयार किए गए सुरक्षा ढांचे पर भी प्रस्तुति दी गई।
अपने दौरे के दौरान जनरल सुब्रमणि ने राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की और फील्ड कमांडरों के साथ चर्चा कर सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की कोशिशों से निपटने के लिए तैयार किए गए एंटी-इनफिल्ट्रेशन सिस्टम की समीक्षा की। सेना ने उन्हें हालिया सुरक्षा चुनौतियों और सीमा पर बदलते हालात से भी अवगत कराया।
अमरनाथ यात्रा से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। यात्रा मार्गों, संवेदनशील इलाकों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार क्षेत्र में गश्त, निगरानी और आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
इधर, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी लद्दाख का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया है। उनके इस दौरे के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक और सियाचिन ग्लेशियर में तैनात जवानों की परिचालन तैयारियों, रहने की सुविधाओं तथा कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का कार्यक्रम है।
वहीं, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पूर्वी लद्दाख में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मुलाकात कर नागरिक-सैन्य समन्वय, क्षेत्रीय विकास और अग्निवीरों के पुनर्नियोजन जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर का निरीक्षण कर प्रशिक्षण सुविधाओं, सैन्य क्षमताओं और आधुनिकीकरण की प्रगति की समीक्षा की तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैनिकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।