लंबे संघर्ष के बाद कर्मचारियों को मिली राहत, रेलवे रनिंग भत्ता बढ़ाने पर बनी सहमति

लंबे संघर्ष के बाद कर्मचारियों को मिली राहत, रेलवे रनिंग भत्ता बढ़ाने पर बनी सहमति

लंबे संघर्ष के बाद कर्मचारियों को मिली राहत, रेलवे रनिंग भत्ता बढ़ाने पर बनी सहमति
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 21, 2026, 1:29:00 PM

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद अन्य भत्तों में 25 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान पहले ही लागू किया जा चुका है। यह व्यवस्था सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 1 जनवरी 2024 से प्रभावी हुई। हालांकि, इस फैसले का लाभ रेलवे के महत्वपूर्ण परिचालन कर्मियों; विशेष रूप से लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर को मिलने वाले रनिंग भत्ते पर लागू नहीं किया गया था, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ था।

इस मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) ने लगातार आवाज उठाई। संगठन ने विभिन्न उच्च स्तरीय बैठकों में तर्कों के साथ अपनी मांग रखी और देशभर में जोनल यूनियनों के माध्यम से विरोध-प्रदर्शन भी आयोजित किए। रेलवे प्रशासन ने इस मामले में अतिरिक्त वित्तीय भार का हवाला देते हुए निर्णय को वित्त मंत्रालय के पास लंबित रखा।

मामले को आगे बढ़ाते हुए AIRF के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही, राष्ट्रीय परिषद की संयुक्त परामर्शदात्री बैठक में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया। इसके परिणामस्वरूप 19 अगस्त 2025 को वित्त मंत्रालय ने रनिंग भत्ते में वृद्धि के लिए अपनी स्वीकृति दे दी, लेकिन इसके बावजूद रेल मंत्रालय की ओर से निर्णय लागू नहीं किया गया।

फरवरी 2026 में आयोजित विभागीय समिति की बैठक के दौरान इस मुद्दे ने फिर जोर पकड़ा। बैठक में शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड की देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल भत्ता बढ़ाने और 1 जनवरी 2024 से बकाया राशि के भुगतान की मांग की। इस पर रेलवे बोर्ड ने शीघ्र आदेश जारी करने पर सहमति जताई है, जिससे कर्मचारियों में उम्मीद जगी है।

एआईआरएफ और इससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि लंबे समय तक चले आंदोलन और कर्मचारियों की एकजुटता का परिणाम है। विभिन्न जोनों के लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों ने इस निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है और इसे अपने संघर्ष की सफलता बताया है।