देशभर में शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे कई लोगों के मोबाइल फोन पर एक साथ तेज अलर्ट टोन सुनाई दी, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में घबराहट फैल गई। फोन पर लगभग आधे मिनट तक बजने वाली इस चेतावनी ध्वनि ने कई यूजर्स को चौंका दिया और कई तरह की आशंकाएं भी पैदा हो गईं।
हालांकि, यह किसी खतरे का संकेत नहीं था। दरअसल, यह भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एक नए आपातकालीन सूचना तंत्र का परीक्षण था। इस प्रणाली के माध्यम से भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपात स्थितियों के दौरान नागरिकों तक तुरंत जानकारी पहुंचाई जा सकेगी।
'भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिससे नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना मिल सकेगी. सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र. इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है. यह एक परीक्षण संदेश है. - भारत सरकार'
सरकार द्वारा भेजे गए इस परीक्षण संदेश में स्पष्ट किया गया कि यह एक ट्रायल अलर्ट है और इसे प्राप्त करने के बाद लोगों को किसी प्रकार की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। संदेश में यह भी बताया गया कि देश में स्वदेशी तकनीक के जरिए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा लागू की जा रही है, जिससे आपदा से जुड़ी जानकारी तेजी से साझा की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तकनीक का उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना है, ताकि आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल, यह केवल परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए नागरिकों को इसे लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।