PM मोदी के साथ संसद में हो सकती थी बड़ी घटना, स्पीकर बोले - मैंने खुद उन्हें सदन में आने से रोका

PM मोदी के साथ संसद में हो सकती थी बड़ी घटना, स्पीकर बोले - मैंने खुद उन्हें सदन में आने से रोका

PM मोदी के साथ संसद में हो सकती थी बड़ी घटना, स्पीकर बोले - मैंने खुद उन्हें सदन में आने से रोका
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 05, 2026, 4:21:00 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 4 और 5 फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देना था, लेकिन लगातार हंगामे के चलते यह संभव नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, प्रधानमंत्री के जवाब दिए बिना ही लोकसभा ने धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए बताया कि 4 फरवरी को प्रधानमंत्री से उन्होंने स्वयं सदन में न आने का आग्रह किया था।

स्पीकर का आरोप: अध्यक्ष कार्यालय में हुआ अभूतपूर्व व्यवहार

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा चैंबर में कुछ सांसदों का व्यवहार बेहद असामान्य और अभद्र रहा, जैसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भारतीय संसदीय व्यवस्था में अध्यक्ष का स्थान संविधान द्वारा निर्धारित है और सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों का दायित्व है।

स्पीकर ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अध्यक्ष के कार्यालय तक ले जाना संसदीय परंपरा के विरुद्ध है, लेकिन विपक्ष के कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष कार्यालय में जिस प्रकार का व्यवहार किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण था और इसे उन्होंने “काले धब्बे” जैसा बताया। ओम बिरला ने बताया कि जब प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपना उत्तर देना था, तभी उन्हें ऐसी ठोस जानकारी मिली कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना यदि घटती, तो इससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंचता और संसद की छवि धूमिल होती। इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे उस दिन सदन में न आएं। स्पीकर ने कहा कि बतौर सभापति सदन की परंपराओं और गरिमा की रक्षा करना उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सदन के नेता का न बोलना किसी भी तरह उचित स्थिति नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके आग्रह को मानकर संभावित अप्रिय दृश्य टाल दिया। इस पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी जताया।

विपक्ष को चेतावनी: पोस्टर-पर्चे लेकर आए तो सदन नहीं चलेगा

ओम बिरला ने विपक्ष को सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि सदस्य पोस्टर और पम्फलेट लेकर सदन में आएंगे तो कार्यवाही नहीं चल सकती। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे हालात में सदन आज भी नहीं चलेगा और आगे भी नहीं चलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि देश ने पिछले दिन की घटना देखी है, जहां एक महिला सदस्य जिस तरह आगे तक पहुंची, वह उचित नहीं था और न ही सदन की गरिमा के अनुरूप। स्पीकर ने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लिए भाषण और शब्दों का रास्ता खुला है, लेकिन सदन के भीतर जाकर व्यवधान पैदा करना या दूसरे पक्ष की ओर बढ़कर घटनाएं करना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।

उन्होंने विपक्ष पर सदन की गरिमा गिराने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। अपने संबोधन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को 6 फरवरी सुबह 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।