Cannes Film Festival में गूंजेगा पलामू का नाम, ‘पेड़ चलता है’ की होगी अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग

Cannes Film Festival में गूंजेगा पलामू का नाम, ‘पेड़ चलता है’ की होगी अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग

Cannes Film Festival में गूंजेगा पलामू का नाम, ‘पेड़ चलता है’ की होगी अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 09, 2026, 6:55:00 PM

झारखंड के पलामू की धरती पर बनी फिल्म ‘पेड़ चलता है’ अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने जा रही है। इस फिल्म का प्रदर्शन दुनिया के प्रतिष्ठित फिल्म आयोजनों में शामिल मार्चे डु फिल्म, कांस के तहत किया जाएगा। फिल्म का स्क्रीनिंग कार्यक्रम 14 जून की शाम आयोजित होने की जानकारी दी गई है।

फिल्म का निर्देशन कोलकाता के चर्चित फिल्मकार देवादित्य बंदोपाध्याय ने किया है। इसकी कहानी जल, जंगल और जमीन से जुड़े सामाजिक सरोकारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे रहस्य और रोमांच के तत्वों के साथ प्रस्तुत किया गया है। निर्देशक के अनुसार, फिल्म स्थानीय समुदायों और प्रकृति के बीच के संबंध को संवेदनशील तरीके से सामने लाती है।

इस परियोजना की शूटिंग मुख्य रूप से पलामू टाइगर रिजर्व, ऐतिहासिक पलामू किला, शाहपुर किला और मेदिनीनगर के विभिन्न इलाकों में की गई है। फिल्म को आउटलाइन एक्सप्रेशन के बैनर तले मासूम आर्ट ग्रुप के सहयोग से तैयार किया गया है। इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमित बहल हैं।

फिल्म की मूल कथा बंगाली लेखक पुलक दास ने लिखी है, जबकि हिंदी पटकथा और संवादों का दायित्व पलामू के रंगकर्मी और छायाकार सैकत चटर्जी ने संभाला है। कलाकारों की सूची में मुंबई और कोलकाता के कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। इनमें वीरेंद्र सक्सेना, प्रमोद पाठक, कुमार सौरभ, सतेंद्र सोनी, मैनाक बनर्जी और सुब्रत बनर्जी जैसे नाम प्रमुख हैं। इनके साथ पलामू के स्थानीय कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि स्थानीय कलाकारों के अभिनय को मुंबई के फिल्म समीक्षकों ने सराहा है। वहीं फिल्म में पलामू की प्राकृतिक खूबसूरती को प्रभावशाली सिनेमैटोग्राफी के जरिए उभारा गया है। फिल्म के डीओपी विक्रम आनंद सावरेवाल बेबे हैं, जबकि संगीत आनंद भास्कर ने दिया है। एक्शन निर्देशन की जिम्मेदारी खेल प्रशिक्षक सुमित वर्मन ने निभाई है।

सैकत चटर्जी ने इसे पलामू और पूरे झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय रंगमंच से जुड़े कलाकारों ने अपनी प्रतिभा साबित की है और उचित मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान पलामू और लातेहार जिला प्रशासन के साथ-साथ पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन का पूरा सहयोग मिला।

निर्देशक देवादित्य बंदोपाध्याय के अनुसार, कांस में फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद यह तय किया जाएगा कि इसे आगे किन अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भेजा जाए। उन्होंने बताया कि प्रीमियर श्रेणी में उन्हीं फिल्मों को शामिल किया जाता है, जिनका पहले कहीं सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं हुआ हो।

फिल्म में पलामू के जिन कलाकारों ने अभिनय किया है, उनमें कामख्या प्रसाद सिन्हा, मुरारी पांडेय, अमर भांजा, उज्ज्वल सिन्हा, अविनाश पांडेय, मन्नू राइन, मो. नसीम, शहजादा तालिब, मुकेश विश्वकर्मा, गुलशन मिश्रा, आशना भेंगरा, कनक लता तिर्की, वर्षा, गोविंदा, आलोक नाथ, आदर्श पांडेय, मो. कैफ, अमर्त्य और अरिंदम सहित कई नाम शामिल हैं।

पलामू का संबंध इससे पहले भी कांस फिल्म फेस्टिवल से जुड़ चुका है। प्रसिद्ध फिल्मकार सत्यजीत राय की क्लासिक बंगाली फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ को कांस के आर्काइव सेक्शन में प्रदर्शित किया गया था। उस फिल्म की शूटिंग भी पलामू के बेतला, केचकी, गारू और छिपादोहर जैसे क्षेत्रों में हुई थी। अब वर्षों बाद ‘पेड़ चलता है’ के जरिए एक बार फिर पलामू की संस्कृति और प्राकृतिक विरासत अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचेगी।