झारखंड के औद्योगिक गलियारे को मिली बड़ी सौगात, गम्हरिया-चांडिल के बीच बनेगी नई मल्टी-लाइन

झारखंड के औद्योगिक गलियारे को मिली बड़ी सौगात, गम्हरिया-चांडिल के बीच बनेगी नई मल्टी-लाइन

झारखंड के औद्योगिक गलियारे को मिली बड़ी सौगात, गम्हरिया-चांडिल के बीच बनेगी नई मल्टी-लाइन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 25, 2026, 12:09:00 PM

झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र सरायकेला-खरसावां को केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने गम्हरिया और चांडिल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस मल्टी-ट्रैकिंग योजना पर लगभग 1168 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

26 किलोमीटर सेक्शन पर क्षमता बढ़ाने की तैयारी

करीब 26 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में कुल 68 किलोमीटर नई ट्रैक लाइन विकसित की जाएगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को तेज और सुरक्षित बनाना है। निर्माण कार्य के तहत 13 बड़े पुल, 59 छोटे पुल, दो आरओआर, 13 आरयूबी, दो आरओबी और चार लेवल क्रॉसिंग बनाए जाएंगे, जिससे परिचालन दक्षता के साथ सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा।

उद्योगों को मिलेगी रफ्तार, माल ढुलाई बढ़ेगी

गम्हरिया-चांडिल सेक्शन झारखंड के औद्योगिक नक्शे पर अहम स्थान रखता है। लाइन क्षमता बढ़ने से कोयला, लौह अयस्क और स्टील उद्योग से जुड़ी मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी। अनुमान है कि हर साल करीब 26.8 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव हो सकेगा। इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और सालाना लगभग 139 करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना जताई गई है।

पर्यटन को भी मिलेगा फायदा

बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ पर्यटन क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है। चांडिल डैम और दलमा वन्यजीव अभयारण्य जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यावरणीय लाभ का दावा

सरकार का कहना है कि रेल नेटवर्क के विस्तार से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, जिससे प्रदूषण घटेगा। अनुमान के मुताबिक इस परियोजना से हर वर्ष लगभग 6 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिसे करीब 25 लाख पेड़ लगाने के बराबर बताया गया है।

निर्माण चरण में रोजगार के अवसर

परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 18 लाख मानव-दिवस के रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इससे स्थानीय स्तर पर काम के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को झारखंड के औद्योगिक विस्तार, पर्यटन विकास और हरित परिवहन के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है।