आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों की बकाया पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर सदन के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से इन वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे गरीब किसान-मजदूर परिवारों के छात्र पार्ट-टाइम काम करके अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल रहे हैं और उनकी शिक्षा पर विपरीत असर पड़ रहा है।
सरना धर्म कोड पर उठे सवाल
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने पूछा कि सरना धर्म कोड का क्या हुआ। उन्होंने बताया कि यह सत्र महत्वपूर्ण है, जिसमें द्वितीय अनुपूरक बजट के साथ कई अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।
वचन पूरा न होने पर विरोध
विधायक नीरा यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस कार्यकाल का एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि जिन वादों के साथ चुनावी भरोसा लिया गया था, उनका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में सरकार से इस पर जवाब मांगेगा। सरकार को केवल बातें करने के बजाय अपने वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।
सरकार का पक्ष
जेएमएम विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सभी मंत्रियों को समुचित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं और सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास के लिए काम करना है, राजनीति नहीं।