‘बच्चा चोर’ निकला पश्चिम बंगाल का गुमशुदा, पुलिस की समझ से हुआ परिवार से पुनर्मिलन

‘बच्चा चोर’ निकला पश्चिम बंगाल का गुमशुदा, पुलिस की समझ से हुआ परिवार से पुनर्मिलन

‘बच्चा चोर’ निकला पश्चिम बंगाल का गुमशुदा, पुलिस की समझ से हुआ परिवार से पुनर्मिलन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 28, 2026, 12:33:00 PM

चैनपुर थाना क्षेत्र के कतारी कोना में 27 फरवरी 2026 को एक गंभीर स्थिति बनते-बनते रह गई। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर एक युवक को ‘बच्चा चोर’ समझकर पकड़ लिया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को समझाकर युवक को सुरक्षित थाने ले आई। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से संभावित हिंसा टल गई।

पकड़ा गया युवक अस्त-व्यस्त हालत में था। उसके कपड़े फटे हुए थे और वह मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत हो रहा था। स्थानीय भाषा और हिंदी न समझ पाने के कारण ग्रामीणों को उस पर संदेह हुआ। संवाद न कर पाने की स्थिति ने गलतफहमी को और बढ़ा दिया।

थाने में पूछताछ के दौरान उपनिरीक्षक राजेंद्र मंडल ने युवक से बंगाली में बात की। अपनी जानी-पहचानी भाषा सुनते ही युवक सहज हो गया और उसने अपनी पहचान बताई।

पश्चिम बंगाल का निकला लापता युवक

युवक ने अपना नाम राजू हंसदा उर्फ मानस हंसदा (25 वर्ष) बताया। उसने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के दातन थाना क्षेत्र स्थित बासबोनी गांव का निवासी है। वह साइकिल से घर से निकला था और भटकते हुए चैनपुर पहुंच गया।

पुलिस ने तत्काल दातन थाना से संपर्क साधा। व्हाट्सएप पर युवक की तस्वीर भेजी गई और वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनों ने उसकी पहचान की पुष्टि की। परिजनों ने बताया कि राजू 26 फरवरी 2025 से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।

आठ महीने बाद परिवार से मुलाकात

शनिवार सुबह राजू के पिता खुदीराम हंसदा और अन्य परिजन चैनपुर थाना पहुंचे। करीब आठ महीने बाद बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो उठा। पुलिस ने राजू को स्नान कराया, नए कपड़े पहनाए और भोजन कराने के बाद विधिवत परिजनों को सौंप दिया।

उपनिरीक्षक राजेंद्र मंडल ने कहा कि कभी सीखी गई बंगाली भाषा आज एक परिवार को फिर से मिलाने में काम आई। उन्होंने कहा, “जानकारी और भाषा का ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता। गलतफहमी के कारण जिसे अपराधी समझा जा रहा था, वह दरअसल एक लापता और असहाय युवक निकला।”

चैनपुर पुलिस ने इस घटना को उदाहरण बताते हुए आम लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को देखकर तुरंत संदेह के आधार पर अपराधी न मानें। कानून अपने हाथ में लेने या मारपीट करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि सही जांच हो सके और किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे।