हजारीबाग जिले के गोंदलपुरा अदानी कोल ब्लॉक प्रोजेक्ट को लेकर सोमवार को हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। बड़कागांव स्थित प्लस टू हाई स्कूल परिसर में प्रस्तावित जनसुनवाई शुरू होने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कार्यक्रम को पूरी तरह ठप करा दिया। भारी हंगामे और तोड़फोड़ के बाद प्रशासन को जनसुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
सुबह से ही इलाके में आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर विरोध मार्च निकालते हुए जनसुनवाई स्थल की ओर बढ़े। रास्ते भर नारेबाजी होती रही और लोगों ने साफ कहा कि बिना उनकी सहमति के किसी भी तरह की प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी। “जमीन हमारी, अधिकार हमारा” और “अदानी गो बैक” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
जब प्रदर्शनकारी जनसुनवाई स्थल तक पहुंचे तो स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साए ग्रामीणों ने वहां लगाए गए पंडाल, कुर्सियों और अन्य व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया। उनका आरोप था कि प्रशासन उनकी आपत्तियों को अनदेखा कर जबरन जनसुनवाई कराने पर आमादा है, जबकि परियोजना से उनके जीवन और भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा।
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और आगे के फैसले हालात के अनुसार लिए जाएंगे।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का तर्क है कि गोंदलपुरा कोल ब्लॉक परियोजना से पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचेगी। उनका कहना है कि खनन के कारण जंगल, खेती की जमीन और जलस्रोत प्रभावित होंगे, जिससे आदिवासी और किसान परिवारों के विस्थापन का खतरा बढ़ जाएगा। रोजगार और आजीविका पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर भी लोग लंबे समय से विरोध जता रहे हैं।
इन्हीं आशंकाओं के चलते गोंदलपुरा कोल ब्लॉक परियोजना लगातार विवादों में बनी हुई है और सोमवार को हुआ यह विरोध एक बार फिर बताता है कि स्थानीय सहमति के बिना परियोजना को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।