रांची में 19.85 लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश, गूगल सर्च के जाल में फंसा शिकार
गूगल सर्च के जाल में फंसा शिकार, रांची में 19.85 लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश
रांची में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने इंटरनेट सर्च के जरिए एक व्यक्ति को निशाना बनाते हुए उससे करीब 19.85 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद सीआईडी की साइबर क्राइम यूनिट ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हजारीबाग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि अपराधियों ने GAIL इंडिया के नाम पर फर्जी ग्राहक सेवा नंबर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित कर रखा था। पीड़ित ने जब गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा, तो उसे जो नंबर मिला वह असल में ठगों द्वारा अपलोड किया गया था। संपर्क करने पर आरोपियों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विश्वास में लिया और प्रक्रिया पूरी करने के बहाने व्हाट्सऐप के जरिए एक लिंक भेजा।
बताया जा रहा है कि जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसकी बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी ठगों के हाथ लग गई। इसके बाद आरोपियों ने उसके खाते से लगभग 19 लाख 85 हजार रुपये निकाल लिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद सीआईडी साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की और हजारीबाग में छापेमारी कर रवि कुमार साव, अरुण कुमार ठाकुर और नारायण कुमार यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी मदद से मामले की गहन जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद साइबर पुलिस ने आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी कस्टमर केयर नंबर की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। साथ ही, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।