झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान छात्रों की छात्रवृत्ति का प्रश्न प्रमुखता से उठाया गया। डुमरी विधायक जयराम महतो ने सदन में पोस्ट-मैट्रिक विद्यार्थियों को लंबित भुगतान का मुद्दा रखते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन छात्रवृत्ति की राशि समय पर न मिलने से उन्हें फीस, हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक खर्चों को लेकर गंभीर परेशानी झेलनी पड़ रही है।
महतो ने सरकार से पूछा कि आखिर किन कारणों से इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का भुगतान अटका हुआ है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए त्वरित समाधान की मांग की।
इस पर संबंधित मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि समस्या केवल राज्य स्तर की नहीं है। उनके अनुसार पोस्ट-मैट्रिक योजना में केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी होती है। केंद्र से मिलने वाली अनुदान राशि और कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण भुगतान में देरी हुई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक कक्षाओं(कक्षा 1 से 8 तक) के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नियमित रूप से जारी की जा रही है और उसमें कोई बाधा नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक श्रेणी के छात्रों को भुगतान में कठिनाई आई है। उनका कहना था कि जब तक केंद्र सरकार अपना निर्धारित हिस्सा जारी नहीं करती, तब तक नियमों के अनुसार राज्य सरकार भी पूरी राशि वितरित नहीं कर सकती।