विधानसभा में जयराम महतो के बयान पर हंगामा, अध्यक्ष ने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का दिया निर्देश

विधानसभा में जयराम महतो के बयान पर हंगामा, अध्यक्ष ने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का दिया निर्देश

विधानसभा में जयराम महतो के बयान पर हंगामा, अध्यक्ष ने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का दिया निर्देश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 10, 2026, 5:06:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में उस समय माहौल गरमा गया जब नवनिर्वाचित विधायक जयराम महतो की एक टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ा एक कथित बयान उद्धृत किए जाने पर सरकार की ओर से इसे असंसदीय और आधारहीन बताया गया। विवाद बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने संबंधित टिप्पणी को सदन की आधिकारिक कार्यवाही से हटाने का आदेश दे दिया।

दरअसल, उस समय सदन में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा उद्योग विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही थी। बहस के दौरान जयराम महतो ने बजट पर कटौती प्रस्ताव रखते हुए अपना पक्ष रखा। अपने भाषण के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के धनबाद दौरे का जिक्र करते हुए एक बयान का हवाला दिया, जिसे लेकर सदन में तुरंत विरोध शुरू हो गया।

जयराम महतो ने कहा कि धनबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि यदि निजी कंपनियां राज्य के 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देती हैं, तो स्थानीय लोग उन कंपनियों पर कब्जा कर सकते हैं। इस टिप्पणी के सामने आते ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे गलत तथा भ्रामक बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

मामले में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बिना ठोस साक्ष्य के इस तरह का आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर किसी भी बाहरी बयान का उल्लेख तभी किया जाना चाहिए जब उसके समर्थन में प्रमाण मौजूद हो और अध्यक्ष की अनुमति भी हो। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी न केवल सदन की मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि इससे भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने हस्तक्षेप किया और कहा कि चूंकि उक्त बयान के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए इसे सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। इसके बाद अध्यक्ष ने संबंधित टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दे दिया।

हालांकि जयराम महतो ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री को मुख्यमंत्री के कथित बयान से जुड़ी एक समाचार पत्र की कटिंग उपलब्ध करा दी है। ऐसे में उनका बयान कार्यवाही से नहीं हटाया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सदन में कुछ समय तक बहस का माहौल बना रहा।