रांची में स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नोटिस जारी

रांची में स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नोटिस जारी

रांची में स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नोटिस जारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 17, 2026, 3:39:00 PM

सड़क सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने के लिए रांची जिला परिवहन विभाग ने कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड पर स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाली बसों पर सख्त रुख अपनाया गया और संबंधित संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई।

अभियान के तहत कुल 21 स्लीपर बसों की जांच की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर कई बस ऑपरेटरों को नोटिस थमाए गए। अधिकारियों ने साफ किया कि जिन बसों की बॉडी चेसिस में अवैध एक्सटेंशन लगाकर तैयार की गई है, उन्हें तत्काल परिचालन से बाहर किया जाएगा।

पंजीकरण नियमों में सख्ती
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अब सभी प्रकार की बसों का पंजीकरण केवल किसी मान्यता प्राप्त टेस्ट एजेंसी की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए फार्म-22 या 22ए के साथ बस की लेआउट ड्राइंग अनिवार्य होगी, जिसमें बस की लंबाई-चौड़ाई, दरवाजों की स्थिति, आपातकालीन निकास और रूफ हैच का पूरा ब्योरा देना होगा। साथ ही बस बॉडी निर्माता की मान्यता की वैधता की जांच भी जरूरी होगी।

अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई
यह जांच उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) रांची हरविंश पंडित, मोटरयान निरीक्षक विमल किशोर सिंह और जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार की संयुक्त टीम ने की।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई स्लीपर कोचों में चालक के केबिन में लगाए गए पार्टीशन दरवाजे नियमों के अनुरूप नहीं हैं। अधिकारियों ने इन्हें तत्काल हटाने का निर्देश दिया और कुछ बसों में मौके पर ही पार्टीशन हटवाया गया। इसके अलावा, स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर भी तुरंत हटाने के आदेश दिए गए।

अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी स्लीपर बसों में एफडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) लगाने के लिए बस संचालकों को एक माह की समय-सीमा दी गई है। साथ ही प्रत्येक बस में कम से कम 10 किलोग्राम क्षमता के फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन) की उपलब्धता और उसकी कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बस मालिकों के साथ बैठक
खादगढ़ा बस स्टैंड पर मौजूद वाहन स्वामियों के साथ विभाग ने बैठक भी की, जिसमें CIRT द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया। बैठक में बस मालिकों ने विभागीय आदेशों को स्वीकार करते हुए तय समय के भीतर आवश्यक सुधार करने का भरोसा दिलाया।

परिवहन विभाग ने दोहराया कि यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा नीति के अनुरूप है, जहां यात्रियों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। विभाग ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।