राजधानी में लगातार बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर की अगुवाई में चलाए गए विशेष अभियान के तहत जब्त किए गए प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज वाले साइलेंसरों को शनिवार को सार्वजनिक रूप से नष्ट किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में शहर के विभिन्न इलाकों में सघन जांच अभियान चलाकर 700 से अधिक अवैध प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए थे। इन्हीं में से करीब 250 से ज्यादा प्रेशर हॉर्न और लगभग 400 तेज आवाज पैदा करने वाले साइलेंसर को बुलडोजर की मदद से तोड़कर नष्ट कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर की गई।
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि हाल के समय में पुलिस को कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें खासतौर पर अस्पताल क्षेत्रों और रात के समय बाइक सवारों द्वारा तेज आवाज वाले साइलेंसर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। इससे मरीजों, बुजुर्गों और आसपास रहने वाले लोगों को गंभीर असुविधा हो रही थी।
पुलिस का कहना है कि ऐसे साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। तेज आवाज के कारण अन्य वाहन चालकों का ध्यान भटकता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर चालान की कार्रवाई के साथ-साथ अवैध उपकरण जब्त किए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे मानक के अनुरूप हॉर्न और साइलेंसर का ही प्रयोग करें और शहर में शांति व सुरक्षित यातायात बनाए रखने में सहयोग दें।