झारखंड के सरकारी स्कूलों में आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा इस बार (शैक्षणिक सत्र 2025–26) झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा ली जाएगी। परीक्षा ओएमआर शीट के माध्यम से कराई जाएगी और परिणाम 31 मार्च 2026 तक जारी करने का लक्ष्य है।
2027 से बदलेगा परीक्षाओं का स्वरूप
शैक्षणिक सत्र 2026–27 से इन कक्षाओं की परीक्षाओं का दायित्व JCERT (झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) को दिया जाएगा। JCERT वर्ष 2027 से नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार वार्षिक परीक्षा आयोजित करेगा। वहीं, कक्षा 1 से 7 तक की परीक्षाएं 16 दिसंबर से शुरू होने का प्रस्ताव है।
तैयारियों को मिली हरी झंडी
सोमवार को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। JAC अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि मौजूदा वर्ष के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है, लेकिन नए पैटर्न को लागू करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। इसलिए 2018 के निर्देशों के अनुसार इस बार परीक्षा ओएमआर आधारित ही होगी।
बैठक में JAC के विधायक-सदस्य मथुरा महतो, नागेंद्र महती, विकास आयुक्त, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह और माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
बैठक में हुए प्रमुख निर्णय
31 मार्च 2026 से पहले 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं JAC आयोजित करेगा।
अगले शैक्षणिक वर्ष से इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी JCERT को सौंप दी जाएगी।
पिछले वर्ष अधूरी रही परीक्षा प्रक्रिया
पिछले वर्ष राज्य में 8वीं, 9वीं और 11वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं। मैट्रिक और इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा भी आयोजित नहीं की गई। इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस वर्ष अर्द्धवार्षिक, वार्षिक और प्री-बोर्ड—तीनों परीक्षाओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था।
हालांकि JAC ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इन परीक्षाओं का आयोजन पहले भी JAC ही करता आया है, इसलिए फिलहाल इसकी जिम्मेदारी उसी के पास रहे। विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने JAC से परीक्षा आयोजन की कार्ययोजना मांगी, जिसके तहत परिषद ने दो सुझाव दिए—एक दो-टर्म परीक्षा प्रणाली हेतु और दूसरा नया पैटर्न लागू करने के लिए।
झारखंड में अब परीक्षा व्यवस्था नए स्वरूप की ओर बढ़ रही है, जिसमें JCERT और JAC दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।