झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सड़क निर्माण, मजदूर अधिकार और भुगतान में देरी पर सरकार से मांगा जवाब

झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सड़क निर्माण, मजदूर अधिकार और भुगतान में देरी पर सरकार से मांगा जवाब

झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सड़क निर्माण, मजदूर अधिकार और भुगतान में देरी पर सरकार से मांगा जवाब
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 14, 2026, 1:52:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के कई मुद्दे सदन में उठाए गए. विधायकों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, श्रमिकों के अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और सरकारी योजनाओं के भुगतान में देरी जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा. मंत्रियों ने इन मामलों पर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया.

विधायक ममता देवी ने गोला-मूरी सड़क के निर्माण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सड़क का निर्माण कार्य निम्न गुणवत्ता का है और इसे बनाने वाली कंपनी क्लासिक इंजीकॉन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि उक्त कंपनी को रामगढ़ जिले में पांच परियोजनाएं दी गई थीं. उन्होंने कहा कि यदि शिकायत गंभीर पाई जाती है तो इसकी जांच कराई जाएगी. इस दौरान विधायक राजेश कच्छप ने भी कंपनी पर अधिक दर पर काम लेने का आरोप लगाया.

आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी का मामला

विधायक रौशन लाल चौधरी ने केरेडारी क्षेत्र में चल रहे आंदोलन से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे योगेंद्र साव और निर्मला देवी को पुलिस ने थाने से ही छोड़ दिया, जबकि अन्य पांच लोगों को जेल भेज दिया गया. उन्होंने सरकार से मांग की कि बाकी लोगों को भी रिहा किया जाए. इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुलिस गिरफ्तारी साक्ष्यों के आधार पर करती है. उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.

मजदूर की मौत और वेतन भुगतान का मुद्दा

विधायक अरूप चटर्जी ने गिरिडीह स्थित बालमुकुंद स्पंज आयरन कंपनी में एक मजदूर की मौत का मामला सदन में उठाया. उन्होंने घटना की जांच कराने और काम से हटाए गए चार श्रमिकों को दोबारा नियुक्त करने की मांग की. श्रम मंत्री संजय प्रसाद ने कहा कि हटाए गए श्रमिकों को जल्द ही वापस काम पर लिया जाएगा और कंपनी में न्यूनतम मजदूरी के भुगतान की भी जांच कराई जाएगी.

इसी क्रम में विधायक मथुरा महतो ने वाहन जांच के दौरान ग्रामीणों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया. मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कराई जाएगी और दो महीने के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है.

मिशन वात्सल्य योजना के कर्मचारियों को भुगतान में देरी

विधायक मो. ताजुद्दीन ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या सदन के सामने रखी. इस पर मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि कई जिलों में फरवरी तक का भुगतान कर दिया गया है, जबकि कुछ जिलों में अभी पिछला भुगतान लंबित है. उन्होंने कहा कि बकाया राशि का भुगतान अगले दस दिनों के भीतर कर दिया जाएगा.

सिंचाई परियोजना पर सरकार की तैयारी

विधायक मनोज यादव के सवाल के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने जानकारी दी कि तिलैया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के पहले चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है. उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन महीनों में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद इंटकवेल के माध्यम से सिंचाई से संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जाएगा.

सदन में उठे इन मुद्दों पर सरकार की ओर से जांच और समाधान का आश्वासन दिया गया, जिससे संबंधित क्षेत्रों में जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.