नगर निकाय चुनावों में बदलेगा मतदान का तरीका, राज्य में पहली बार बैलेट पेपर से होगी वोटिंग

नगर निकाय चुनावों में बदलेगा मतदान का तरीका, राज्य में पहली बार बैलेट पेपर से होगी वोटिंग

नगर निकाय चुनावों में बदलेगा मतदान का तरीका, राज्य में पहली बार बैलेट पेपर से होगी वोटिंग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 13, 2025, 5:13:00 PM

झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव इस बार एक नए स्वरूप में आयोजित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। यह राज्य के नगर निकाय चुनावों के इतिहास में पहली बार होगा, क्योंकि अब तक सभी स्थानीय निकाय चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाते रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला तकनीकी और संसाधन संबंधी बाधाओं के चलते लिया गया है। आयोग के पास मौजूद ईवीएम अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं और आवश्यकता के अनुरूप नई मशीनें फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। नए ईवीएम के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता थी, लेकिन बिहार सहित आसपास के राज्यों ने मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है। इसके अलावा, ईवीएम निर्माण से जुड़ी कंपनी ने नई मशीनें तैयार करने के लिए करीब एक वर्ष का समय मांगा है।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने का निर्णय लिया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

अध्यक्ष और वार्ड सदस्य के लिए अलग-अलग बैलेट

नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं को दो अलग-अलग बैलेट पेपर दिए जाएंगे। अध्यक्ष पद के लिए एक रंग का बैलेट होगा, जबकि वार्ड सदस्य के चुनाव के लिए दूसरे रंग का बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों पदों के लिए अलग-अलग बैलेट बॉक्स रखे जाएंगे, जिनमें मतदाता संबंधित बैलेट डालेंगे।

आयोग ने बताया कि बैलेट बॉक्स की पर्याप्त व्यवस्था पहले से मौजूद है। मतदान केंद्रों की संख्या के आधार पर जिलों में बैलेट बॉक्स का आकलन किया जा चुका है और उनकी रंगाई-पुताई तथा मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।

रांची में ही छपेंगे बैलेट पेपर

इस बार बैलेट पेपर की छपाई स्थानीय स्तर पर रांची में कराने का फैसला लिया गया है। पहले यह काम कोलकाता के प्रिंटिंग प्रेसों में कराया जाता था। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि इसके लिए उपयुक्त प्रिंटिंग प्रेस के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

आयोग का मानना है कि स्थानीय स्तर पर छपाई से समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही चुनावी तैयारियों को और अधिक सुचारू बनाया जा सकेगा।