रांची के जलाशयों पर अतिक्रमण का मामला हाईकोर्ट में गर्माया, डीसी से मांगा डैम की जमीन पर कब्जे का पूरा ब्योरा

रांची के जलाशयों पर अतिक्रमण का मामला हाईकोर्ट में गर्माया, डीसी से मांगा डैम की जमीन पर कब्जे का पूरा ब्योरा

रांची के जलाशयों पर अतिक्रमण का मामला हाईकोर्ट में गर्माया, डीसी से मांगा डैम की जमीन पर कब्जे का पूरा ब्योरा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 04, 2026, 3:28:00 PM

रांची के प्रमुख जलाशयों और तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बुधवार को हुई इस सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रांची उपायुक्त (डीसी) से सख्त सवाल पूछते हुए स्पष्ट जानकारी मांगी कि कांके डैम, धुर्वा डैम और गेतलसूद डैम की कितनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि इन जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है।

डीसी को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने इस मामले में रांची डीसी को निर्देश दिया है कि वे शपथ पत्र (एफिडेविट) के माध्यम से विस्तृत जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 26 मार्च तय की है।

जनहित याचिका में जल स्रोतों पर गंभीर आरोप

यह मामला एक जनहित याचिका के जरिए अदालत तक पहुंचा है, जिसमें रांची के बड़ा तालाब समेत आसपास के अन्य जल स्रोतों को संरक्षित करने और वहां से अवैध कब्जा हटाने की मांग की गई है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बड़ा तालाब, कांके डैम और धुर्वा डैम की सैकड़ों एकड़ जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा लिया है। दावा किया गया है कि इन इलाकों में मल्टी-स्टोरी इमारतों का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे जलाशयों की स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि रांची शहर के कई तालाबों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर खतरा बढ़ रहा है।