बजट सत्र के अंतिम दिन सरकार ने की बड़ी घोषणाएं; तालाब विकास, ऊर्जा बहाली और कोल्ड स्टोरेज पर फोकस

बजट सत्र के अंतिम दिन सरकार ने की बड़ी घोषणाएं; तालाब विकास, ऊर्जा बहाली और कोल्ड स्टोरेज पर फोकस

बजट सत्र के अंतिम दिन सरकार ने की बड़ी घोषणाएं; तालाब विकास, ऊर्जा बहाली और कोल्ड स्टोरेज पर फोकस
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 18, 2026, 1:17:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन राज्य सरकार ने विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। जल संसाधन से लेकर ऊर्जा और कृषि क्षेत्र तक, विभिन्न मुद्दों पर ठोस पहल का संकेत दिया गया।

सदन में विधायक सरयू राय ने चंदवा क्षेत्र के जरदहा डैम का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि रेलवे साइडिंग के पास नाले के अवरुद्ध होने के कारण तालाब में पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय जल प्रबंधन पर असर पड़ रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि विभाग जल्द ही 2.5 एकड़ से बड़े सभी तालाबों (सरकारी या निजी) के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए प्रस्ताव लाएगा। उनका कहना था कि बड़े जलाशयों के बेहतर रखरखाव से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।

चेक डैम की स्थिति पर उठे सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त या गाद से भर चुके ढांचों की मरम्मत और सफाई का काम मनरेगा योजना के तहत कराया जाएगा, ताकि उनकी उपयोगिता फिर से बहाल हो सके।

ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट दिया। ऊर्जा मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नियुक्ति नियमावली तैयार कर ली गई है और इसे शीघ्र ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगले चार से पांच महीनों में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने कहा कि पुराने बकाया को आगे जोड़ा जा रहा है, जबकि स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को नियमित रूप से मासिक बिल की जानकारी दी जा रही है।

कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल की घोषणा की। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में, स्थानीय विधायकों की अनुशंसा के आधार पर, कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिला स्तर पर 500 मीट्रिक टन क्षमता के भंडारण केंद्र मौजूद हैं, और किसानों को फसल भंडारण तथा ऋण सुविधाओं में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए भी प्रयास जारी हैं।

सत्र के अंतिम दिन की इन घोषणाओं से साफ संकेत मिला कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।