झारखंड विधानसभा में मंगलवार दोपहर 12 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर लगातार दूसरी बार राज्य का बजट सदन में रखेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार लगभग 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़े बजटों में गिना जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा योजना व्यय के लिए निर्धारित किया जा सकता है। यह राशि एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य का मूल बजट 1.45 लाख 400 करोड़ रुपये था, जिसमें से 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद में आवंटित किए गए थे। इस योजना राशि में 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े थे।
इस बार भी बजट के घाटे में रहने के संकेत हैं, हालांकि सरकार नए कर लगाने से बच सकती है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार की प्राथमिकताओं में सामाजिक क्षेत्र सबसे ऊपर रह सकता है। महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग को सर्वाधिक आवंटन मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने पर भी विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
सरकार इस बार पारंपरिक बजट के साथ-साथ आउटकम बजट, जेंडर बजट और बाल बजट भी प्रस्तुत कर सकती है। पिछले वर्ष 13 विभागों के लिए आउटकम बजट पेश किया गया था, लेकिन इस बार विभागों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। करीब 200 योजनाओं को इसमें शामिल करने और कुल बजट का लगभग 60 प्रतिशत इन योजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव संभव है।
जेंडर बजट के तहत महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए लगभग 33 प्रतिशत प्रावधान किया जा सकता है। इसमें 17 विभागों की 25 से अधिक योजनाओं को शामिल किए जाने की संभावना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पेयजल और स्वच्छता, कृषि, पशुपालन व सहकारिता, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य आपूर्ति तथा तकनीकी और उच्च शिक्षा विभागों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में शामिल हो सकती हैं।
बजट में चतरा में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव आ सकता है। इसके अलावा सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और कैंसर जांच के लिए पीईटी स्कैन केंद्र स्थापित करने की योजना पर मुहर लग सकती है। जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन और मेमोग्राफी सुविधाएं शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।
रांची में 20 मीट्रिक टन क्षमता वाले मिल्क पाउडर उत्पादन केंद्र और एक आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रस्ताव भी संभावित है।
राजधानी रांची में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई फ्लाईओवर परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है। करमटोली से साइंस सिटी, हरमू से डिबडीह और सहजानंद चौक से कांके रोड तक फ्लाईओवर निर्माण की योजना सामने आ सकती है।
इसके अतिरिक्त, करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से बटन तालाब परिसर में फिशरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा बन सकता है।