संजीव सिंह ह*त्याकांड मामले में एक दशक बाद आया अदालत का फैसला, दोनों आरोपियों को उम्रकैद

संजीव सिंह ह*त्याकांड मामले में एक दशक बाद आया अदालत का फैसला, दोनों आरोपियों को उम्रकैद

संजीव सिंह ह*त्याकांड मामले में एक दशक बाद आया अदालत का फैसला, दोनों आरोपियों को उम्रकैद
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 28, 2026, 2:04:00 PM

जमशेदपुर में चर्चित जमीन कारोबारी संजीव सिंह की हत्या के मामले में करीब दस साल बाद न्यायिक प्रक्रिया ने निर्णायक मोड़ लिया है। एडीजे-5 मंजू कुमारी की अदालत ने झामुमो के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष दुबाराज नाग और मृतक के चचेरे भाई जितेंद्र सिंह को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें तीन वर्ष की अतिरिक्त कैद और 10-10 हजार रुपये का अलग से जुर्माना भुगतने का आदेश दिया गया। वहीं, मामले में नामजद अन्य छह आरोपियों—मंगल टुडू, चित्रो सरदार, मिथुन चक्रवर्ती, डोमिनिक सेमरंग, मोहन कच्छप और सरफुद्दीन अंसारी—को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण बरी कर दिया गया।

गौरतलब है कि 12 मई 2016 को यह सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। संजीव सिंह अपने घर सरजामदा लौट रहे थे, तभी सुबह करीब 10:45 बजे गोविंदपुर थाना क्षेत्र के जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के पास हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने बताया था कि इस हत्याकांड के पीछे राजनीतिक रंजिश और जमीन कारोबार से जुड़ा पुराना विवाद था। दुबाराज नाग को साजिश का प्रमुख सूत्रधार माना गया, जबकि जितेंद्र सिंह पर अपने ही रिश्तेदार की गतिविधियों की जानकारी साझा कर हत्या की योजना को आगे बढ़ाने का आरोप साबित हुआ। लंबी सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।