थाईलैंड में गोल्ड जीतकर लौटी देवासी हेंब्रम, बाबूलाल मरांडी ने किया सम्मानित

थाईलैंड में गोल्ड जीतकर लौटी देवासी हेंब्रम, बाबूलाल मरांडी ने किया सम्मानित

थाईलैंड में गोल्ड जीतकर लौटी देवासी हेंब्रम, बाबूलाल मरांडी ने किया सम्मानित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 19, 2026, 6:52:00 PM

थाईलैंड में आयोजित थर्ड इंटरनेशनल राइफल शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली जामताड़ा की युवा शूटर देवासी हेंब्रम को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सम्मानित किया। रांची स्थित अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मरांडी ने देवासी को शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया और आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। देवासी जामताड़ा जिले के कुंडहेत प्रखंड की रहने वाली हैं।

इस अवसर पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद देवासी ने जिस तरह अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है, वह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि 4 से 7 मई के बीच थाईलैंड में आयोजित एयर गन शूटिंग प्रतियोगिता में देवासी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

मरांडी ने देवासी के संघर्षपूर्ण जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और कठिन परिस्थितियों में बच्चों की पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। बेहतर प्रशिक्षण और पढ़ाई के लिए देवासी अपनी बहन के साथ जामताड़ा में किराये के कमरे में रहती हैं। वहीं वह शूटिंग अभ्यास के साथ-साथ एक फिजियोथैरेपी सेंटर में पार्ट टाइम काम भी करती हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आर्थिक अभाव के बावजूद यदि कोई खिलाड़ी देश और राज्य के लिए उपलब्धि हासिल कर रहा है, तो समाज और जिम्मेदार लोगों का कर्तव्य बनता है कि उसकी मदद की जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शूटिंग से जुड़े उपकरणों और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा ताकि देवासी की प्रतिभा आगे और निखर सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब तक सरकार की ओर से खिलाड़ी को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई है।

वहीं देवासी हेंब्रम ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो भविष्य में वे वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।