ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कथित टेंडर अनियमितता मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई देखने को मिली। विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सिद्धांत कुमार ने रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश होकर आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी गई।
विशेष अदालत ने सिद्धांत कुमार को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत देते हुए कुछ अहम शर्तें भी लगाई हैं। अदालत के निर्देशानुसार उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और न्यायालय की अनुमति के बिना देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी।
यह मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। एजेंसी ने प्रमोद कुमार समेत कुल 15 आरोपियों के खिलाफ अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद अदालत ने सभी नामजद आरोपियों को समन जारी किया था।
सूत्रों के अनुसार, पूरक चार्जशीट दाखिल होने के बाद कई आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है और उन्हें विभिन्न शर्तों के साथ जमानत मिल चुकी है। जांच एजेंसियां फिलहाल मामले के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। सिद्धांत कुमार वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के रूप में पदस्थापित हैं।