रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में मंगलवार को पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े कथित टेंडर घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश गवाह संतोष कुमार का बयान दर्ज किया गया, जिसने केस को नई दिशा देने वाले कई अहम दावे किए।
अपनी गवाही में संतोष कुमार ने अदालत को बताया कि उसने पूर्व मंत्री के ओएसडी संजीव लाल के निर्देश पर विभिन्न इंजीनियरों और ठेकेदारों से धन एकत्र किया। उसके अनुसार, यह रकम अलग-अलग समय पर तय स्थानों पर पहुंचाई जाती थी, जैसा कि उसे बताया जाता था।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने संतोष कुमार से एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाकर पहचान से जुड़ा सवाल किया। इस पर संतोष ने स्वीकार किया कि उसने उस व्यक्ति से भी पैसे लिए थे। उसने यह भी कहा कि जो रकम उसने इकट्ठा की, उसे बाद में आलमगीर आलम और संजीव लाल द्वारा बताए गए स्थानों पर पहुंचाया गया।
यह गवाही मामले में कथित धन संग्रह और उसके ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर जांच एजेंसी के दावों को मजबूती देती नजर आ रही है। अदालत में दर्ज इस बयान को अब केस की आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है।