कथित टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी नीरज मित्तल को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई पूरी हो गई है। विस्तृत बहस के बाद अदालत ने अपना निर्णय तत्काल सुनाने के बजाय सुरक्षित रख लिया है। अब कोर्ट बाद में आदेश जारी करेगा, जिस पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं।
यह मामला सरकारी टेंडरों में कथित कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें जांच एजेंसियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी संदर्भ में नीरज मित्तल ने राहत की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है और आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कोर्ट से हस्तक्षेप कर राहत देने की अपील की।
वहीं, सरकारी पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर आर्थिक गड़बड़ियों से संबंधित है और जांच अभी जारी है। ऐसे में इस चरण पर किसी भी तरह की राहत देना उचित नहीं होगा।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं सुनाया है। अब यह अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा कि याचिका को स्वीकार किया जाता है या खारिज किया जाता है। तब तक इस मामले में अगला कदम कोर्ट के फैसले के बाद ही तय होगा।