स्वराज पोस्ट झारखंड की खबर का मुहर! राज्यसभा चुनाव में JMM दोनों सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार

स्वराज पोस्ट झारखंड की खबर का मुहर! राज्यसभा चुनाव में JMM दोनों सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार

स्वराज पोस्ट झारखंड की खबर का मुहर! राज्यसभा चुनाव में JMM दोनों सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 05, 2026, 2:05:00 PM

झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी राजनीतिक खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। कांग्रेस द्वारा राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपने तेवर कड़े कर दिए हैं और दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला कर लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्वराज पोस्ट झारखंड की खबर का बड़ा असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। स्वराज पोस्ट झारखंड के संपादक कुमार कौशलेंद्र ने अपने चर्चित इवनिंग लाइव शो ‘बेबाक’ में एक दिन पहले ही संकेत दिया था कि राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी झामुमो दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। शुक्रवार को सामने आए राजनीतिक घटनाक्रम ने इस आकलन को सही साबित कर दिया है।

राज्यसभा की दोनों सीटों पर जायेंगे JMM के उम्मीदवार, एक होगा परिवार, दूसरा वफ़ादार!

दरअसल, गुरुवार देर शाम कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सलाहकार प्रणव झा के नाम की घोषणा कर दी। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को झामुमो पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से संकेत दिया गया था कि राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम फैसला 5 जून को लिया जाएगा।

कांग्रेस की घोषणा के तुरंत बाद झामुमो नेतृत्व सक्रिय हो गया। देर रात पार्टी विधायकों को मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का संदेश भेजा गया। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में मौजूद अधिकांश विधायकों ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो उम्मीदवार उतारने के पक्ष में राय व्यक्त की।

बैठक के बाद मंत्री हाफिजुल हसन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि झामुमो ने दोनों राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के नामों की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं करेंगे।

कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने उम्मीदवार की घोषणा कर गठबंधन के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया, लेकिन विधानसभा के मौजूदा गणित को देखते हुए उसके सामने चुनौती कम नहीं है।

झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कांग्रेस को अतिरिक्त 12 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। मौजूदा परिस्थितियों में यह लक्ष्य आसान नहीं माना जा रहा है।

सत्तारूढ़ गठबंधन में राजद के चार और माले के दो विधायक हैं। राजद सरकार का हिस्सा भी है और उसके एक विधायक मंत्री पद पर हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए समर्थन जुटाने की राह पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रही है।

भाजपा के लिए भी खुल सकते हैं नए अवसर

दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे के पास कुल 24 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि जदयू, आजसू और लोजपा के एक-एक विधायक शामिल हैं।

यदि राज्यसभा चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होता है, तो भाजपा को जीत के लिए कुछ अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ेगी। ऐसी स्थिति में द्वितीय वरीयता मत एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

गठबंधन की एकजुटता पर भी नजर

राज्यसभा चुनाव अब केवल संसदीय सीटों की लड़ाई नहीं रह गया है। इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन, राजनीतिक प्रभाव और नेतृत्व क्षमता की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस और झामुमो के बीच बढ़ती तल्खी ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर हैं, जो जल्द ही झामुमो उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकते हैं। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही राज्यसभा चुनाव का वास्तविक राजनीतिक गणित पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।