झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के हालिया बयान पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फंसाने की कोशिश अब किसी से छिपी नहीं है और देश की जनता इस साजिश को भली-भांति समझ चुकी है।
आलोक दुबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने शीर्ष नेतृत्व के रवैये पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया गया है। दुबे ने मरांडी पर निशाना साधते हुए तीखे शब्दों में कहा कि जिन लोगों को सब कुछ बेच देने की आदत हो, वे नैतिकता की बातें करने के अधिकारी नहीं हैं।
कांग्रेस नेता ने भाजपा के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पार्टी के दिवंगत राष्ट्रीय अध्यक्ष को पैसे लेते हुए कैमरे में देखा गया हो, वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। उन्होंने मरांडी को “फेसबुकिया बयानबाज़ी” तक सीमित रहने वाला नेता बताते हुए अदालत और कानून पर उपदेश देने से बचने की नसीहत दी।
दुबे ने यह भी कहा कि यदि भ्रष्टाचार की मिसाल देखनी हो तो भाजपा को बाहर देखने की जरूरत नहीं है, अपने ही दल में झांकने पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास नजर आ जाएंगे। उनके अनुसार, भाजपा छात्रों, आदिवासियों और झारखंड के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए झूठे आरोप और अफवाहों का सहारा ले रही है। कांग्रेस महासचिव ने अंत में कहा कि सच को न तो जांच एजेंसियों के दबाव से छिपाया जा सकता है और न ही राजनीतिक बयानबाज़ी से।