झारखंड में न्यायिक ढांचे को मजबूती, विशेष अदालतों और कुटुंब न्यायालयों के लिए नये पदों की अनुशंसा

झारखंड में न्यायिक ढांचे को मजबूती, विशेष अदालतों और कुटुंब न्यायालयों के लिए नये पदों की अनुशंसा

झारखंड में न्यायिक ढांचे को मजबूती, विशेष अदालतों और कुटुंब न्यायालयों के लिए नये पदों की अनुशंसा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 06, 2026, 2:55:00 PM

झारखंड सरकार ने राज्य में न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। प्रशासनिक पदवर्ग समिति की बैठक में विभिन्न विशेष अदालतों और कुटुंब न्यायालयों के संचालन के लिए नए पद सृजित करने की अनुशंसा की गई है। यह बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संशोधित धारा 14(1) के तहत रांची, धनबाद और डाल्टेनगंज (पलामू) न्यायमंडलों में पहले से गठित विशेष न्यायालयों के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के तीन पद सृजित करने की सिफारिश की गई है। इन अदालतों के माध्यम से अत्याचार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को गति मिलने की उम्मीद है।

अतिरिक्त कुटुंब न्यायालयों के लिए 21 पद प्रस्तावित

इसके साथ ही रांची, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में स्थापित किए जाने वाले एक-एक अतिरिक्त कुटुंब न्यायालय के संचालन के लिए कुल 21 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा गया है। इन पदों के सृजन से पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।

चतरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत विशेष अदालत

इसके अलावा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए चतरा जिले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत जिला न्यायाधीश स्तर की एक विशेष अदालत स्थापित करने की योजना है। इस अदालत के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के सात पदों के सृजन की अनुशंसा की गई है।

सरकार का मानना है कि इन नए पदों के सृजन और अदालतों की स्थापना से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाने में मदद मिलेगी।