अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त; फायर ब्रिगेड की आसान पहुंच से लेकर अलार्म सिस्टम तक, नये मानक लागू

अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त; फायर ब्रिगेड की आसान पहुंच से लेकर अलार्म सिस्टम तक, नये मानक लागू

अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त; फायर ब्रिगेड की आसान पहुंच से लेकर अलार्म सिस्टम तक, नये मानक लागू
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 14, 2026, 3:55:00 PM

झारखंड अग्निशमन सेवा ने राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए व्यापक अग्नि सुरक्षा मानदंड तय किए हैं। इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और किसी भी आपात स्थिति में मरीजों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

नए नियमों के तहत अस्पताल परिसरों में फायर ब्रिगेड वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए भवन के सामने पर्याप्त चौड़ी और मजबूत खुली जगह रखना अनिवार्य होगा, ताकि आपातकाल में बचाव दल बिना किसी रुकावट के मौके तक पहुंच सके।

अस्पतालों के हर तल और संवेदनशील हिस्सों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही, इन उपकरणों की समय-समय पर जांच और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर वे पूरी तरह कार्यशील रहें।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपातकालीन निकासी मार्ग पूरी तरह अवरोधमुक्त होने चाहिए। इन रास्तों पर किसी भी प्रकार की रुकावट (चाहे वह फर्नीचर हो या अन्य सामान) नहीं होनी चाहिए, ताकि संकट की स्थिति में तेजी से लोगों को बाहर निकाला जा सके।

अस्पताल प्रशासन को हर महीने फायर ड्रिल आयोजित करने का आदेश दिया गया है। इससे कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास मिल सकेगा। साथ ही बिजली से जुड़े उपकरणों, विशेषकर भारी मशीनों जैसे एमआरआई और एक्स-रे सिस्टम की नियमित जांच कर शॉर्ट सर्किट की आशंका को कम करने पर भी बल दिया गया है।

ज्वलनशील वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर, केमिकल और अन्य संवेदनशील सामग्री को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में धुआं पहचानने वाले यंत्र और फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय स्थिति में बनाए रखना अनिवार्य होगा।

अस्पताल प्रबंधन को एक स्पष्ट और विस्तृत आपातकालीन कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका तय हो। रसोई और कैंटीन क्षेत्रों में गैस लाइनों व उपकरणों की नियमित जांच भी जरूरी कर दी गई है।

इसके साथ ही, सभी कर्मचारियों; चाहे वे सुरक्षा गार्ड हों या वार्ड बॉय; को अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है। गंभीर रूप से बीमार, वेंटिलेटर पर निर्भर या दिव्यांग मरीजों के लिए विशेष निकासी योजना तैयार करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट करने की पूर्व तैयारी रखने पर भी जोर दिया गया है।

हर कमरे और गलियारे के बाहर स्पष्ट निकासी मानचित्र लगाने तथा अंधेरे में भी दिखाई देने वाले संकेत चिह्न स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि इन मानकों के पालन से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आपात स्थितियों में कई जानें बचाई जा सकेंगी।