विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिये राज्य सरकार का बड़ा दांव, खनिज भूमि पर सेस बढ़ा

विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिये राज्य सरकार का बड़ा दांव, खनिज भूमि पर सेस बढ़ा

विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिये राज्य सरकार का बड़ा दांव, खनिज भूमि पर सेस बढ़ा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 13, 2025, 3:43:00 PM

झारखंड सरकार ने खनिज धारित भूमि पर लगने वाले सेस की दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। इस फैसले से राज्य को अनुमानित रूप से छह से सात हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सेस दर बढ़ाने के पीछे के प्रमुख कारण

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे और पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े खर्चों में भारी इजाफा हुआ है। सड़क निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और अन्य विकास कार्यों की लागत में करीब 40 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा कोविड-19 महामारी के बाद औद्योगिक गतिविधियों और वित्तीय योजनाओं में आए बदलावों से भी खर्च का दबाव बढ़ा है।

न्यायालयों के विभिन्न आदेशों के चलते खनन कंपनियों पर पर्यावरण सुरक्षा, पुनर्वास और सामाजिक दायित्वों को लेकर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। वहीं, झारखंड में गरीबी, कुपोषण और मातृ व शिशु मृत्यु दर जैसी चुनौतियां भी सरकार के सामने बड़ी वजह रही हैं, जिनसे निपटने के लिए पर्याप्त राजस्व की जरूरत बताई जा रही है।

सरकार का लक्ष्य क्या है

सेस दर में वृद्धि के जरिए सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, पोषण, रोजगार सृजन और आदिवासी कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहती है। साथ ही खनन प्रभावित इलाकों में पर्यावरणीय क्षति की भरपाई, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का दावा है कि इस कदम से सामाजिक और मानव विकास सूचकांकों में सुधार आएगा और राज्य के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।