आंगनबाड़ी के टेक होम राशन पर राज्य सरकार की कड़ी नजर, सख्त गुणवत्ता मानक लागू

आंगनबाड़ी के टेक होम राशन पर राज्य सरकार की कड़ी नजर, सख्त गुणवत्ता मानक लागू

आंगनबाड़ी के टेक होम राशन पर राज्य सरकार की कड़ी नजर, सख्त गुणवत्ता मानक लागू
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 15, 2026, 2:00:00 PM

राज्य सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए संचालित पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) को और प्रभावी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। टेक होम राशन (THR) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर विभाग ने नया दिशा-निर्देश और संशोधित मैन्यू जारी किया है। यह फैसला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और केंद्र सरकार के तय मानकों के तहत लिया गया है।

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि THR की गुणवत्ता निर्धारित मानकों से कम पाई गई या आपूर्ति व्यवस्था में कोई गड़बड़ी सामने आई, तो इसकी जिम्मेदारी केवल आपूर्ति एजेंसी की ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी होगी। ऐसे मामलों में दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पोषण गुणवत्ता को सर्वोपरि बताते हुए किसी भी तरह की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस अपनाने की बात कही है।

उम्र और पोषण जरूरत के अनुसार अलग-अलग आहार
नए निर्देशों के तहत लाभुकों को उनकी आयु और पोषण आवश्यकता के अनुरूप अलग-अलग प्रकार का राशन दिया जाएगा। इसमें शिशुओं से लेकर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा किशोरियों तक सभी वर्ग शामिल हैं। उद्देश्य स्पष्ट है—कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण और संतुलित पोषण की उपलब्धता।

लाभुक वर्ग के अनुसार निर्धारित THR मैन्यू

  • 6 माह से 12 माह तक के बच्चे: मिक्स्ड दलिया

  • 6 माह से 12 माह के कुपोषित बच्चे: शिशु आहार

  • 1 से 3 वर्ष तक के बच्चे: पौष्टिक दलिया

  • 1 से 6 वर्ष के कुपोषित बच्चे: शक्ति आहार / पौष्टिक आहार

  • 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे: नमकीन दलिया

  • गर्भवती महिलाएं: नमकीन दलिया

  • धात्री माताएं: नमकीन दलिया

  • किशोरी बालिकाएं: नमकीन दलिया

केंद्र के तय मानकों पर होगा उत्पादन और वितरण
विभाग ने यह भी साफ किया है कि THR की संरचना, पोषण मूल्य, विटामिन-मिनरल्स की मात्रा, शेल्फ लाइफ, निर्माण प्रक्रिया और सेवन विधि भारत सरकार तथा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM), हरियाणा द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगी।

निगरानी तंत्र मजबूत, अनियमितता पर सख्ती
निर्देशों के अनुसार किसी भी स्थिति में घटिया या मानक से कम गुणवत्ता वाला राशन लाभुकों तक नहीं पहुंचेगा। वितरण व्यवस्था की नियमित जांच की जाएगी और यदि कहीं भी अनियमितता पाई गई तो तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे।

कुपोषण के खिलाफ अभियान को नई धार
विभाग का मानना है कि संशोधित मैन्यू और सख्त गुणवत्ता नियंत्रण से राज्य में कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को अधिक सुरक्षित, पौष्टिक और भरोसेमंद आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा।