प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने बजट को बताया दिशाहीन दस्तावेज, कहा-जवाबदेही से भाग रही सरकार
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने बजट को बताया दिशाहीन दस्तावेज, कहा-जवाबदेही से भाग रही सरकार
रांची में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने विधानसभा में पेश राज्य सरकार के बजट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे दिशाहीन बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें झारखंड के समग्र विकास की कोई ठोस रूपरेखा नजर नहीं आती और यह जनता को गुमराह करने वाला दस्तावेज है।
साहू ने 10 हजार करोड़ रुपये के कथित गबन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार अब तक इस पर स्पष्ट स्थिति नहीं रख पाई है। उन्होंने सदन की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि जब वित्त मंत्री बजट भाषण पढ़ रहे थे, तब मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया भी उत्साहजनक नहीं दिखी। उनके अनुसार, मेज नहीं थपथपाना सरकार के भीतर मतभेदों का संकेत देता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की कथित बकाया राशि का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह रकम किन मदों में लंबित है और सरकार इसे स्पष्ट रूप से सामने क्यों नहीं रख रही। उनके मुताबिक, भ्रम की स्थिति पैदा करना सरकार की कार्यशैली बन चुकी है।
बच्चों के मुद्दे को उठाते हुए साहू ने कहा कि राज्य से बड़ी संख्या में बच्चे लापता हुए हैं। उनका दावा था कि विपक्ष के दबाव और आंदोलन के कारण ही कई बच्चे सुरक्षित वापस आ सके। इसके बावजूद बजट में बच्चों के हित में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जबकि इसे ‘बाल बजट’ का नाम दिया जा रहा है।
उन्होंने चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि 400 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में इसका उल्लेख तक नहीं है। साथ ही DMFT फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के आवासों पर खर्च किया जा रहा है। साहू ने यह भी सवाल उठाया कि जब पिछली बजट राशि पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई, तो शेष धनराशि कहां गई और किन विभागों को आवंटित की गई।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और सरकार को पारदर्शिता के साथ सभी सवालों का जवाब देना चाहिए।