शिरडी में साईं बाबा के चरणों में नतमस्तक हुए CM हेमंत सोरेन
शिरडी में साईं बाबा के चरणों में नतमस्तक हुए CM हेमंत सोरेन
महाराष्ट्र दौरे पर गए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को परिवार के साथ शिरडी स्थित साईं बाबा मंदिर में दर्शन-पूजन किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की नई ऊर्जा देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
दर्शन के उपरांत श्री साईं बाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा साईं बाबा की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर गाडिलकर ने कहा कि शिरडी आज भी देश और विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उनके अनुसार, साईं बाबा के विचार और जीवन दर्शन आज भी लोगों को समान रूप से प्रेरित करते हैं।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उनका शिरडी का पहला दौरा नहीं है और वे पहले भी यहां आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भले ही पहले की तुलना में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम हुई हो, लेकिन झारखंड में भी साईं बाबा के कई मंदिर हैं, जहां उन्हें समय-समय पर दर्शन करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि जनसेवा का जो दायित्व उन्हें मिला है, उसे निभाने की शक्ति उन्हें ईश्वर के आशीर्वाद से ही मिलती है।
हेमंत सोरेन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि शिरडी आने का उद्देश्य केवल दर्शन करना नहीं, बल्कि भविष्य में अधिक से अधिक जनहितकारी कार्य करने की प्रेरणा और सद्बुद्धि प्राप्त करना भी है। उन्होंने स्वीकार किया कि इंसान से गलतियां होना स्वाभाविक है और इसी कारण उन्होंने साईं बाबा से समाज के हित में बेहतर कार्य करने की शक्ति और मार्गदर्शन का आशीर्वाद मांगा।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शिरडी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि परिवार सहित साईं बाबा के चरणों में नमन कर उन्होंने झारखंड के सभी नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना की तथा सभी पर साईं बाबा की कृपा बनी रहने की प्रार्थना की।
इस दौरान उन्होंने झारखंड में पेयजल व्यवस्था पर भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने जलापूर्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज बड़ी संख्या में घरों तक नल के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ क्षेत्रों में अब भी जल संकट बना हुआ है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण और जल स्रोतों की सुरक्षा भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध है। उन्होंने देशभर के लोगों से झारखंड के गांवों का भ्रमण करने, यहां की संस्कृति को करीब से देखने और राज्य के विकास को समझने की अपील भी की।