सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। यह मामला उस समय का है जब वे हजारीबाग के उपायुक्त पद पर कार्यरत थे। सुप्रीम कोर्ट में विनय चौबे की ओर से अधिवक्ता देवेश आजमानी पक्ष रख रहे हैं। अब तक की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट में भी विनय चौबे ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने 6 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
जिस मामले में विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत मांगी है, उसमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पिछले वर्ष अगस्त में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस संबंध में एसीबी ने कांड संख्या 9/2025 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी इस मामले में विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, जिसके आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।