चर्चित रूपेश पांडे मॉब लिंचिंग मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया है। रांची स्थित CBI स्पेशल कोर्ट ने इस केस में दोषी करार दिए गए असलम, गुफरान और मोहम्मद कैफ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 2 मार्च को सभी पक्षों की दलीलें और बहस सुनने के बाद कोर्ट ने असलम, गुफरान और कैफ को इस मामले में दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब कोर्ट ने अंतिम फैसला सुना दिया।
यह मामला हजारीबाग जिले के बरही क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 6 फरवरी 2022 को रूपेश पांडे अपने चाचा के साथ सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस देखने गया था। बताया गया कि पूजा स्थल पर पहुंचने के बाद मोहम्मद असलम अंसारी उर्फ पप्पू खान के नेतृत्व में वहां भीड़ जमा हुई और रूपेश को कथित तौर पर भीड़ के बीच से उठाकर ले जाया गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई।
इस मामले में शुरुआत में कुल 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था, हालांकि पुलिस ने केवल पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट मृतक की मां ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की CBI जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केस की जांच CBI को सौंपी गई।
सीबीआई ने बरही थाना में दर्ज प्राथमिकी को अपने नियंत्रण में लेते हुए कांड संख्या 1/2024 दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई। इस केस का सेशन ट्रायल नंबर ST 283/2024 है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान CBI की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने अदालत में पक्ष रखा।
अदालत के इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो लंबे समय से चर्चा में रहा है।