सीआईपी कांके में 156 सुरक्षा कर्मियों की छुट्टी पर बवाल, धरने पर बैठे जदयू नेता धर्मेंद्र तिवारी

सीआईपी कांके में 156 सुरक्षा कर्मियों की छुट्टी पर बवाल, धरने पर बैठे जदयू नेता धर्मेंद्र तिवारी

सीआईपी कांके में 156 सुरक्षा कर्मियों की छुट्टी पर बवाल, धरने पर बैठे जदयू नेता धर्मेंद्र तिवारी
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 07, 2026, 4:30:00 PM

केंद्रीय मनःचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), कांके के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने हटाए गए निजी सुरक्षा कर्मियों के समर्थन में बुधवार को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आंदोलन में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी भी शामिल हुए और प्रभावित कर्मियों के साथ धरना स्थल पर बैठकर उनके पक्ष में आवाज उठाई।

धरने में बड़ी संख्या में सेवा से हटाए गए सुरक्षा कर्मी और उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

धरना स्थल पर संबोधित करते हुए धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का हवाला देकर 156 निजी सुरक्षा कर्मियों को एक साथ नौकरी से हटाना बेहद अन्यायपूर्ण और पीड़ादायक फैसला है। उन्होंने कहा कि ये कर्मी वर्षों से संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था, मरीजों की देखरेख, परिसर में अनुशासन बनाए रखने और अन्य सहयोगी कार्यों में लगातार योगदान देते रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के कर्मचारियों को हटाया जाना सीधे तौर पर उनके परिवारों की रोजी-रोटी पर हमला है।

तिवारी ने कहा कि संस्थान प्रशासन भले ही अनुबंध समाप्त होने और मंत्रालय के निर्देश का तर्क दे रहा हो, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से प्रभावित कर्मियों के पुनर्वास और समायोजन की व्यवस्था करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि निदेशक ने पहले फोन पर कर्मियों की व्यवस्था करने की बात कही थी, लेकिन बाद में विभागीय निर्देश का हवाला देकर पीछे हट गए।

धर्मेंद्र तिवारी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह निदेशक की हठधर्मिता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे स्तर के सुरक्षा कर्मियों से आखिर निदेशक को क्या परेशानी है।

जदयू नेता ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की कि हटाए गए सभी कर्मियों के लिए वैकल्पिक रोजगार, समायोजन या विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए। साथ ही, उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर पुनर्नियोजन पर भी विचार किया जाए।

उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड इस मुद्दे पर कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

तिवारी ने यह भी कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को हस्तक्षेप करना चाहिए। साथ ही उन्होंने संस्थान के निदेशक पर कर्मचारियों के बीच भय और शोषण का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग भी की।