RIMS में फर्जी SC प्रमाणपत्र मामले में छात्रा का नामांकन रद्द, अब योग्य उम्मीदवार को मिलेगा अवसर

RIMS में फर्जी SC प्रमाणपत्र मामले में छात्रा का नामांकन रद्द, अब योग्य उम्मीदवार को मिलेगा अवसर

RIMS में फर्जी SC प्रमाणपत्र मामले में छात्रा का नामांकन रद्द, अब योग्य उम्मीदवार को मिलेगा अवसर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 02, 2025, 1:38:00 PM

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में MBBS प्रथम वर्ष (सत्र 2025-26) की छात्रा काजल ने कथित रूप से फर्जी अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र दिखाकर प्रवेश लिया था। जांच में यह बात सत्य पाई गई, जिसके बाद 1 दिसंबर 2025 को संस्थान ने छात्रा का नामांकन रद्द कर दिया। इससे पहले 20 नवंबर को छात्रा को निलंबित किया गया था।

जांच में सामने आई अनियमितताएं

जांच में यह पाया गया कि काजल ने NEET UG 2025 परीक्षा OBC NCL Central List के तहत दी थी। बावजूद इसके, जेसीईसीई बोर्ड के जरिए SC श्रेणी में रैंक 01 के आधार पर RIMS में प्रवेश प्राप्त किया। जब संस्थान ने उसकी एडमिट कार्ड की मांग की, तो छात्रा ने बताया कि कार्ड खो गया है, जिससे संदेह और गहरा गया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को RIMS ने जेसीईसीई बोर्ड और गिरिडीह अंचल अधिकारी से जांच का अनुरोध किया।

भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र प्राप्त

अंचल अधिकारी की जांच में सामने आया कि काजल ने भैरो चमार नामक किसी व्यक्ति का खतियान प्रस्तुत किया, जिस पर SC प्रमाणपत्र जारी किया गया। असली परिवार से पूछताछ करने पर पता चला कि काजल का उस परिवार से कोई संबंध नहीं है। इसके अलावा, छात्रा द्वारा प्रस्तुत वंशावली भी असली वंशावली से भिन्न थी। इस प्रकार, गलत तथ्य और भ्रामक जानकारी देकर छात्रा ने SC प्रमाणपत्र हासिल किया। गिरिडीह डीसी ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है।

RIMS की कार्रवाई और कानूनी दृष्टिकोण

जेसीईसीई बोर्ड ने 19 नवंबर को विस्तृत जांच रिपोर्ट RIMS को भेजी। इसके बाद 21 नवंबर को छात्रा को शो कॉज नोटिस जारी किया गया और एक समिति गठित की गई, जिसने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा की।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्र पर लिया गया प्रवेश अवैध होता है। यदि उम्मीदवार ने OBC NCL श्रेणी में NEET परीक्षा दी और SC आरक्षित सीट प्राप्त की, तो यह वास्तविक SC उम्मीदवारों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।

अगले योग्य उम्मीदवार को मौका मिलेगा

समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर RIMS ने काजल का नामांकन रद्द कर दिया। संस्थान ने जेसीईसीई बोर्ड को सूचित किया है कि अब अगले योग्य SC उम्मीदवार को प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को भी छात्रा का नाम अभिलेखों से हटाने के लिए जानकारी दी जाएगी।