रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित अपनी विशेष शैक्षणिक योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। पहले यह सुविधा केवल सरकारी स्कूलों के छात्रों तक सीमित थी, लेकिन अब झारखंड के किसी भी विद्यालय में पढ़ने वाले योग्य छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस निर्णय से राज्यभर के हजारों छात्रों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों को सहयोग देना है जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे कोचिंग संस्थानों का लाभ नहीं उठा पाते। योजना के तहत रिम्स के एमबीबीएस के उत्कृष्ट छात्र स्वयं आगे आकर NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन देंगे। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की उनकी संभावनाएं मजबूत होंगी।
दूसरी ओर, संस्थान ने अपने चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। हाल ही में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर पदों के लिए आयोजित साक्षात्कार के बाद चयन सूची जारी कर दी गई है। एनाटॉमी विभाग में डॉ. प्रेरणा दास का चयन हुआ है, जबकि कार्डियोथोरेसिक विभाग में डॉ. चंदन कुमार और डॉ. अमित निशांत को सीनियर रेजिडेंट के रूप में नियुक्त किया गया है। सभी चयन सामान्य श्रेणी के अंतर्गत किए गए हैं। रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इन नियुक्तियों से संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में सुधार होगा, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।