रिम्स में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार प्रस्तावित, यूजी-पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगी बढ़ोतरी

रिम्स में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार प्रस्तावित, यूजी-पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगी बढ़ोतरी

रिम्स में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार प्रस्तावित, यूजी-पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगी बढ़ोतरी
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 10, 2026, 12:32:00 PM

झारखंड सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी कड़ी में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों का व्यापक विस्तार करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में संस्थान से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।

विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह द्वारा रिम्स प्रबंधन को भेजे गए निर्देश में केंद्र सरकार की उस योजना का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों के सृजन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक नई सीट पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक का निवेश संभव है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र और शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना का लाभ उठाकर रिम्स की शैक्षणिक और चिकित्सा क्षमता को नई ऊंचाई दी जा सकती है। इससे पहले जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए सीट वृद्धि संबंधी प्रस्तावों को केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है। जमशेदपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 तथा पीजी सीटें 49 से बढ़ाकर 200 करने की अनुमति दी गई है। वहीं धनबाद मेडिकल कॉलेज में यूजी सीटों को 100 से 250 और पीजी सीटों को 19 से 200 तक विस्तारित करने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

अब इसी मॉडल पर रिम्स के लिए भी महत्वाकांक्षी विस्तार योजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने का विचार है। इसके अलावा स्नातकोत्तर सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 तक ले जाने और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में वर्तमान 11 सीटों को बढ़ाकर 100 तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

इस विस्तार के लिए रिम्स को आवश्यक भवन, उपकरण, प्रयोगशालाएं, शिक्षण संसाधन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार करने को कहा गया है। प्रस्ताव को पहले रिम्स की शासी परिषद से अनुमोदित कराया जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि सीट वृद्धि के साथ संस्थान के भौतिक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुराने और जर्जर भवनों के पुनर्विकास, अनुपयोगी संरचनाओं को हटाकर नए निर्माण तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त अधोसंरचना विकसित करने के प्रस्ताव भी इस योजना का हिस्सा हो सकते हैं।

इस बीच रिम्स-2 परियोजना के तहत छात्रावास सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी नई रणनीति तैयार की जा रही है। सरकार छात्रावास निर्माण के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना से सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इससे सरकारी खर्च का दबाव कम होगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी से आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

विभाग ने रिम्स परिसर में पहले से मौजूद छात्रावासों की स्थिति का मूल्यांकन करने और भविष्य की छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए नए आवासीय परिसरों की आवश्यकता का आकलन करने के निर्देश भी दिए हैं। संबंधित प्रस्ताव को शासी परिषद के समक्ष रखकर मंजूरी प्राप्त करने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो रिम्स की शैक्षणिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और पूर्वी भारत में संस्थान की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करने में यह कदम अहम साबित हो सकता है।