रिम्स जमीन घोटाला मामले में राजकिशोर बड़ाईक की जमानत पर सुनवाई टली, ACB को केस डायरी पेश करने का आदेश

रिम्स जमीन घोटाला मामले में राजकिशोर बड़ाईक की जमानत पर सुनवाई टली, ACB को केस डायरी पेश करने का आदेश

रिम्स जमीन घोटाला मामले में राजकिशोर बड़ाईक की जमानत पर सुनवाई टली, ACB को केस डायरी पेश करने का आदेश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 13, 2026, 11:25:00 AM

रांची के बहुचर्चित रिम्स जमीन फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी राजकिशोर बड़ाईक की जमानत याचिका पर बुधवार को एसीबी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को मामले से संबंधित केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही बचाव पक्ष को भी अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।

यह मामला रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की लगभग सात एकड़ अधिग्रहित जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निजी भूमि दिखाकर बेचा गया। इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी ने कार्रवाई तेज करते हुए पिछले महीने राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक समेत चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया है कि कथित रूप से नकली वंशावली तैयार कर जमीन के स्वामित्व का दावा किया गया और फिर उसे बिल्डरों के हाथों बेच दिया गया। एसीबी का कहना है कि वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित इस सरकारी भूमि को जालसाजी के जरिए निजी संपत्ति के रूप में पेश किया गया। एजेंसी के मुताबिक इस सौदे में करीब 31 लाख रुपये का लेन-देन हुआ।

इस प्रकरण में कार्तिक बड़ाईक, राजकिशोर बड़ाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं जांच के दायरे में 16 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी बताए जा रहे हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

एसीबी ने इस मामले में कांड संख्या 1/2026 दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की है। एजेंसी अब जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।