रिम्स भूमि घोटाले में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी की अग्रिम जमानत पर 18 जून को सुनवाई
रिम्स भूमि घोटाले में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी की अग्रिम जमानत पर 18 जून को सुनवाई
रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की अधिग्रहीत भूमि से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। यह सुनवाई मामले के आरोपी प्रमोद कुमार महतो द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर केंद्रित रही।
अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से विस्तृत बहस के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 18 जून निर्धारित की है। इस बीच एसीबी अपनी ओर से याचिका पर जवाब पहले ही दाखिल कर चुकी है।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के क्रम में एजेंसी ने 7 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बढ़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से ऐसे दस्तावेज तैयार किए, जिनके माध्यम से रिम्स की अधिग्रहीत भूमि को निजी स्वामित्व वाली जमीन के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी वंशावली और अन्य अभिलेखों का सहारा लिया गया।
मामला वर्ष 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित लगभग 9.65 एकड़ भूमि से संबंधित है। आरोप है कि इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बहुमंजिला अपार्टमेंट, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय भवन खड़े कर दिए गए थे। एसीबी इस पूरे प्रकरण में भूमि हस्तांतरण, दस्तावेजों की वैधता और कथित साजिश की विभिन्न कड़ियों की जांच कर रही है।