रिम्स-2 के लिए चिन्हित जमीन पर ग्रामीणों का विरोध, खेतों में पहुंचकर गाड़े झंडे
रिम्स-2 के लिए चिन्हित जमीन पर ग्रामीणों का विरोध, खेतों में पहुंचकर गाड़े झंडे
रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध एक बार फिर सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण उस भूमि पर एकत्र हुए, जिसे नए चिकित्सा संस्थान के निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। ग्रामीणों ने वहां झंडे लगाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और परियोजना के लिए चुनी गई जमीन को बचाने की मांग दोहराई।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें मंगलवार रात यह जानकारी मिली थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को रिम्स-2 परियोजना से जुड़े भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इस सूचना के बाद आसपास के गांवों के लोग सुबह से ही मौके पर पहुंचने लगे और अपने विरोध का प्रदर्शन किया।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जिस भूखंड पर अस्पताल परिसर विकसित करने की योजना बनाई गई है, वह कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और उपजाऊ जमीन है। उनका तर्क है कि इस भूमि पर वर्षों से खेती होती रही है और इसके अधिग्रहण से स्थानीय किसानों की आजीविका प्रभावित होगी।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि रिम्स-2 जैसी महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि कृषि योग्य भूमि को संरक्षित रखा जा सके। उनका कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन खेती योग्य जमीन को समाप्त कर परियोजना स्थापित करना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 को लेकर पहले भी कई बार स्थानीय लोगों ने अपनी असहमति जताई है। भूमि चयन को लेकर चल रहा विवाद अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और ग्रामीण लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।