शहीद SP अमरजीत बलिहार के ह*त्यारों को राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदली मौ*त की सजा

शहीद SP अमरजीत बलिहार के ह*त्यारों को राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदली मौ*त की सजा

शहीद SP अमरजीत बलिहार के ह*त्यारों को राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदली मौ*त की सजा
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 11, 2025, 12:53:00 PM

झारखंड हाईकोर्ट ने शहीद पुलिस अधीक्षक (SP) अमरजीत बलिहार के हत्यारों को दी गई मौत की सजा को बदलकर उम्रकैद कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस संजय प्रसाद के बीच अलग-अलग राय के कारण तीसरे जज को भेजी गई थी। तीसरे जज, जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोष साबित होने के बावजूद मौत की सजा बनाए रखना उचित नहीं है, और इसीलिए सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।

नक्सली हमले में शहीद हुए SP और उनके साथी पुलिसकर्मी
मामले के विवरण के अनुसार, दुमका के तत्कालीन SP अमरजीत बलिहार एक सशस्त्र एस्कॉर्ट टीम के साथ पाकुड़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में जंगल के इलाके में नक्सलियों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में SP बलिहार समेत छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। जांच के दौरान आरोपियों को हमले में शामिल पाया गया और ट्रायल कोर्ट ने उन्हें गंभीर धाराओं में दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

तीसरे जज ने दोष बरकरार रखा, लेकिन सजा बदल दी
जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों की प्रत्यक्ष गवाही से यह स्पष्ट है कि आरोपी हमले में शामिल थे, इसलिए उनका दोष सिद्ध माना गया। हालांकि, सजा के मामले में कोर्ट ने कहा कि पहले दो जजों की राय दोष तय करने के मुद्दे पर एक जैसी नहीं थी, इसलिए मौत की सजा बनाए रखना कानूनन संभव नहीं था। इस कारण दोनों आरोपियों की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।

कानून-व्यवस्था को चुनौती कानून की नींव हिला सकती है
जस्टिस चौधरी ने यह भी कहा कि यह हमला पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसमें SP और अन्य पुलिसकर्मियों की जान गई। यह केवल पुलिस बल पर हमला नहीं था, बल्कि राज्य की संप्रभु शक्ति यानी सरकार को चुनौती देना भी था। कोर्ट ने चेताया कि यदि हथियारबंद समूह इस तरह कानून-व्यवस्था को चुनौती देते रहेंगे तो कानून के शासन की नींव हिल सकती है।