रांची स्थित लोक भवन में गुरुवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अंजनी चौधरी की पुस्तक “Where There is Risk, There is an Actuary” का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने लेखिका को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह कृति पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगी और विशेष रूप से युवाओं को दिशा देने का काम करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने देश में तेजी से हो रहे आर्थिक और तकनीकी बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते वित्तीय निर्णयों में सटीक आकलन और जोखिम प्रबंधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उनके अनुसार, ऐसे समय में एक्चुरियल साइंस जैसे क्षेत्र का महत्व बढ़ जाता है, जो संभावनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

राज्यपाल ने यह भी उम्मीद जताई कि यह पुस्तक छात्रों और युवाओं को एक्चुरियल क्षेत्र की बारीकियों को समझने में सहायक होगी और उन्हें इस पेशे को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
वहीं, लेखिका अंजनी चौधरी ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने में उन्हें करीब दो वर्षों का समय लगा। उन्होंने कहा कि पुस्तक में एक्चुरियल प्रोफेशन से जुड़ी आवश्यक योग्यताओं, संभावित अवसरों और चुनौतियों को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस क्षेत्र को समझ सकें।
उन्होंने आगे कहा कि देश में बैंकिंग, बीमा और शेयर बाजार जैसे क्षेत्रों के विस्तार के साथ-साथ जोखिम के मूल्यांकन और सुविचारित फैसलों की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में एक्चुरियल साइंस न केवल आर्थिक ढांचे को मजबूती देता है, बल्कि समाज के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। अंत में उन्होंने पुस्तक के विमोचन के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।