राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हॉस्पिटल मैनेजर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (एनएचएम) के तहत इन पदों को अनुबंध के आधार पर भरा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कुल 201 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 मार्च से 30 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। इससे पहले शुरू की गई नियुक्ति प्रक्रिया को कुछ अपरिहार्य कारणों के चलते रद्द कर दिया गया था और नए सिरे से भर्ती करने का निर्णय लिया गया था।
इन पदों का वर्गवार बंटवारा भी तय कर दिया गया है। इसमें अनारक्षित वर्ग के 81, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 20, अनुसूचित जनजाति (ST) के 52, अनुसूचित जाति (SC) के 20, पिछड़ा वर्ग-1 के 16 और पिछड़ा वर्ग-2 के 12 पद शामिल हैं।
योग्यता और अनुभव
हॉस्पिटल मैनेजर के पद के लिए उम्मीदवार के पास हॉस्पिटल मैनेजमेंट या हेल्थ केयर में पीजी डिप्लोमा, हॉस्पिटल मैनेजमेंट/हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए या पब्लिक हेल्थ में स्नातकोत्तर डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव, कंप्यूटर संचालन तथा हॉस्पिटल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का ज्ञान भी अनिवार्य रखा गया है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 41 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, पिछली भर्ती प्रक्रिया के दौरान अनियमितता की शिकायतें सामने आने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद अब नई प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे गए हैं।
181 स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर भी होंगे नियुक्त
इसी बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत 181 स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति भी की जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और एनएचएम झारखंड की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इच्छुक चिकित्सक 25 मार्च तक टेंडर जमा कर सकते हैं। टेंडर के माध्यम से चयनित चिकित्सकों को अधिकतम तीन लाख रुपये तक मानदेय दिया जा सकेगा और वे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अधिकतम तीन विकल्प चुन सकेंगे। जिस डॉक्टर का टेंडर एल-वन (सबसे कम दर) होगा, उसे संबंधित संस्थान में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत चिकित्सकों को उनकी मांग के अनुरूप मानदेय के साथ-साथ पसंदीदा स्थान पर पोस्टिंग मिलने की भी संभावना रहेगी।